Depreciation क्या होता है - Depreciation Meaning in Hindi

काल मेरे एक दोस्त ने आपनी पुरानी मोबाइल 7000 मे बेच दिया। और उनहोने मुझे काहा देखो जब मेने ये फ़ोन ख़रीदा था तो उसका प्राइस 20000 था लेकिन 2 साल बाद बेचने पार मुझे सिर्फ 7000 ही मिली। 

मतलब 13000 का lose हुआ। तो मेने उसको काहा इसका कारन है Depreciation यानि मूल्यह्रास। 

फिर मेरे मन मे ये चल राहा था क्यों ना Depreciation के बारे मे एक details और आसान भाषा मे आर्टिकल लिखा जाए ताकि मूल्यह्रास की जो concept है वो स्पष्ट हो सके। 

और जिस व्यक्ति आपनी कोई पुरानी asset बेचती है उसको पाता चले की टाइम जैसे जैसे गुजरती है तो उस asset की value मे भी गिराबट आती है। 

तो चलिए आज मे आपको Depreciation क्या होता है Depreciation का कारन क्या है Depreciation चार्ज करने का object क्या है Depreciation चार्ज करने का method क्या है इन सब पॉइंट को मेरे पोस्ट के द्वारा चर्चा करेंगे। 

Depreciation Meaning in Hindi
Depreciation Meaning in Hindi


Depreciation क्या होता है 


Depreciation किसी asset की value मे होने वाली कमी को कहते है। 

अगर आपको और आसान भाषा मे समझाए तो किसी भी asset को जब हम use करते है या उससे हम इस्तेमाल करते है, तो उस asset मे कोई कमी आती है और वो कमी चाहे जिस भी वजह से आयी हो उसको हम Depreciation कहते है। 

Depreciation हम सिर्फ fixed assets पे ही चार्ज करते है जैसे land, buildings, machinery, vehicles, computer equipment etc

Depreciation का कारन क्या है 


1.Wear and Tear: जब हम fixed assets को use करते है तो उसमे घिसाबोट आ जाता है या कुच जगह उसका टूट या पुराना हो जाना जिसकी वजह से depreciation चार्ज किया जाता है। 

2.Passes of Time: टाइम बीतने की वजह से depreciation चार्ज किया जाता है।   

3.Obsolescence (पुराना पड़ जाना): new technology आने से जो आपके पास fixed assets पड़ा हुआ है वो बेकार हो जाता है।  

4.By accident: कोई बार accidentally मशीन खाराप हो जाता है या टूट जाता है इसकी वजह से हम depreciation चार्ज करते है और fixed assets की value को कम करते है। 

5.Permanent Fall in Market Price: new technology आने के बाद कभी कभी ऐसा होता है की fixed assets की value मे permanently fall हो जाता है। 

मान लेते है आपने कोई मशीन 2 साल पहले 10 lakh rupees मे ख़रीदा था लेकिन आजके डेट मे उस मशीन का प्राइस सिर्फ 5 lakh rupees ही है, तो ये market price मे fall की वजह से होता है। 

Depreciation चार्ज करने का object क्या है


  • बिज़नेस के real profit and loss निकालने के लिए हम depreciation चार्ज करते है। उदाहरण के लिए:- मान लीजे आपके पास 1 lakh rupees के एक मशीन है, 1 साल पूरा होने के बाद आपने देखा 50 हाज़ार का प्रॉफिट हुआ है अब सवाल आता है की उस मशीन का value अभी भी 1 lakh रूपीस ही है तो इसका जबाब है नहीं क्युकी 1 साल use होने के बाद उस fixed assets मे गिराबट आयी है, fixed assets की value मे 10% गिराबट हुआ तो हम 1 lakh के ऊपर 10% depreciation चार्ज कोर देंगे (100000 - 10000) तो अब इसका value 90 हाज़ार है।तो ये जो 10000 रूपया है ये भी बिज़नेस के लिए expenses ही है, तो जब ये expenses को profit and loss मे घटाते है तो actual profit हमारा 50000 - 10000 =40000 होगा। तो इसलिए सही profit and loss की गोनोना करने के लिए depreciation चार्ज करना बहुति जरुरी है। 
  • अगर हम डेप्रिसिएशन सही सही fixed assets पे चार्ज करेंगे तो उससे हमारा financial position का true and fair value पाता चलेगा 
  • आप जो प्रोडक्ट बाना रहे है उस प्रोडक्ट की production मे कितना cost लगा इसे भी निकालने के लिए आपको डेप्रिसिएशन की जरुरत पड़ेगी। 
  • depreciation आप अपने fixed assets पे चार्ज करते रहेंगे तो आपको पाता चलेगा की आपके बिज़नेस मे जो एसेट है उसका value कितना है, वो अब और कितने दिन तक चलेगा, आपको नया एसेट परचेस करने के लिए आप पैसे भी उसी हिसाब से generate करते रहेंगे। 
  • अगर आप depreciation चार्ज नहीं करेंगे तो बिज़नेस मे इनकम ज्यादा दिखाई देगा, इनकम ज्यादा दिखाई देने से आप Income Tax ज्यादा कोर देंगे तो ज्यादा Income Tax पेमेंट से बचने के लिए आप depreciation चार्ज करेंगे। 
  • डेप्रिसिएशन एक कानूनी आवश्यकता भी है as per income tax act और as per company act हमे डेप्रिसिएशन चार्ज करना होता है। 

Depreciation चार्ज करने का method क्या है


depreciation charge करने के लिए बहुत सारे method होते है लेकिन हम 2 महत्वपूर्ण मेथड के बारे मे बात करेंगे 1.straight line method  2.written down value method 

1. straight line method(SLM): मान लीजे आपने एक मशीन खरीदी है जिसका cost है 1 lakh rupees 

अब अगर उसका depreciation 10% है straight line method से तो 10% इसका निकलेंगे 10000 तो 1 साल बाद उस मशीन की value होंगे (100000 -10000) = 90000। 

तो next year जब आप depreciation लगाएंगे तो बिना किसी calculation के जो original cost पे depreciation लगाया था ये same depreciation आपका चलता रहेगा। 

जब 10 साल होंगे तो उस मशीन की value जीरो हो जायेंगे। ये होता है straight line method का concept।

Year Book Value (beginning year) Current Depreciation Book Value (end year)
1 100000 10000 90000
2 90000 10000 80000
3 80000 10000 70000
4 70000 10000 60000
5 60000 10000 50000
6 50000 10000 40000
7 40000 10000 30000
8 30000 10000 20000
9 20000 10000 10000
10 10000 10000 0
 


2. written down value method(WDV): written down value method निकालने की प्रोसेस कैसी होती है ये देखते है, 

मान लीजे अपने एक मशीन ख़रीदा और उसका भी cost value 1 lakh rupees है तो इसका भी 10 साल मे depreciation चार्ज 10% तो इसका value अब होता है (100000 -10000) = 90000। 
तो next year जब आप depreciation लगाएंगे तो वो लागेगा 90000 पे। 90000 पार 10% (90000-9000) = 81000 next year लागेंगे 81000 पार 10% (81000-8100) = 72900 फिर जो बैलेंस बचेगा उस पर depreciation। 
तो wdv का मतलब होता है जो हार साल डेप्रिसिएशन चार्ज करके बैलेंस बाचता जायेगा उस पार डेप्रिसिएशन लागता रहेगा।

Year Book Value (beginning year) Current Depreciation Book Value (end year)
1 100000 10000 90000
2 90000 9000 81000
3 81000 8100 72900
 


मुझे आसा है आपको मेरा आर्टिकल Depreciation क्या होता है - Depreciation Meaning in Hindi समझ आया होगा अगर आपके मन मे कोई भी सवाल है तो आप जरूर पूछ सकते है आर हां आप मेरे इस valuable पोस्ट को आपने दोस्तों को जरूर शेयर कोरे ताकि उनको भी Depreciation in Hindi के बारे मे नॉलेज मिले। 



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