Asset और Liabilities क्या है - assets and liabilities meaning in hindi

जिन इन्वेस्टर को फाइनेंसियल फ्रीडम प्राप्त करना है उनको Asset और Liabilities के बारे मे नॉलेज होना जरुरी है। क्युकी asset पर्सनल फाइनेंस का ही पार्ट है। और साथ मे जो लोग अकाउंट मे एकदम नया है जो अभी अभी अकाउंट मे आये है उनको Asset और Liabilities के बारे मे जानना जरुरी है। इसी लिए मेने Asset और Liabilities क्या है - assets and liabilities meaning in hindi इस आर्टिकल के जरिये आपको सम्झाने की कोसिस करेंगे ताकि एकदम सहज तरीके से आपको पता चले। तो चलिए एक एक पॉइंट को अच्छे से समझाते है

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assets and liabilities meaning in hindi
assets and liabilities meaning in hindi 

 

Asset क्या है - What is asset


एसेट को हिंदी मे केहते है सम्पतिया। अगर एसेट की बात करते है सबसे पहले तो बिज़नेस के अंदर वो सभी चीजे है जो फ्यूचर के अंदर बिज़नेस को पैसा कमा कोर देती है इसे और आसान भाषा मे कहे तो बिज़नेस के अंदर available वो सारी चीजे जो फ्यूचर के अंदर बिज़नेस को cash generate करके देगी वो सारी एसेट है। 

मतलब साफ़ है एसेट यानि सम्पतिया वो सारी चीज़े होती है जो आपकी जेब मे पैसा डालती है और आपकी इनकम को बढ़ाती है।
example:- Investment, Land, cash etc


type of asset


एसेट की प्रकार की बात कोरे तो मोटे तौर पर ये दो प्रकार की होते है 1.current asset 2.non current asset 
एहि mainly accounting convinces के अंदर प्रयोग होते है।


current asset:- जिसको नकद मे convert किया जा सकता है 1 साल से कम के अंदर मतलब जो भी चीज़ 1 साल से कम मे convert हो सकता है नकद मे उसे हम शार्ट टर्म या करंट एसेट कहते है। 

तो चलिए उदाहरण से समझते है current asset या short term asset मे कोन कोन से एसेट आते है।

  • cash and deposit:- कंपनी के पास जो हाथ में पैसे पड़ा है या तो बैंक के अंदर जो फिक्स्ड डिपाजिट है जिसको आप हाथोंहाथ नकद मे convert कोर सकते हो 1 साल से कम मे वो आपके current asset हो गया। 
  • short term investment:- जो की 1 साल से कम की इन्वेस्टमेंट है जहा से आपको इंटरेस्ट आ रहा है short term के अंदर। वो current asset  हो गया। 


non current assets:- जो भी इन्वेस्टमेंट 1 साल से अधिक लगता है नकद मे convert होने मे या उसकी मूल्य लंबे समय तक मिलती है वो होते है non current assets या उसे हम long term assets कहते है। 

एक उदाहरण से समझते है land and buildings, furniture and fixtures, stocks, mutual funds etc ये सारे एसेट जोकि 1 साल से अधिक समय लगता है return प्राप्त होने मे वो सारे non current assets है। 

non current assets भी 2 प्रकार के होते है 1.tangible assets  2.intangible assets
tangible assets:- tangible का मतलब जिसको आप स्पर्श और महसूस कोर सकते हो। मतलब ऐसे एसेट जिसको आप छू सकते देख सकते हो और वो आपको इनकम produce करके देते है।
example:- land and buildings, vehicle, furniture and fixtures etc


intangible assets:- tangible asset का ही विपरीत है intangible assets। मतलब जिसको आप physical touch या देख नहीं सकते है। लेकिन वो हामारे लिए बेनिफ़िट होते है।  
example :- patents, trademarks, copyrights, goodwill


liabilities क्या है - what is liabilities 


बिज़नेस और व्यापार को फ्यूचर मे जिसको भी पैसा चुकाना है जिसको भी रूपया देना है वो सभी liabilities है। जिन चीज़ो से पैसा मिलता है वो सारे एसेट है और बिज़नेस मे जिन लोगो को पैसा देना है तो वो liabilities है। 

example :- जैसे बैंक से लोन लिया तो लोन का पेमेंट करना है या अपने किसी से पैसा उधर लिया तो उसका पेमेंट करना पड़ेगा तो वो सारे liabilities है। 

types of liabilities


liabilities भी 2 प्रकार के होते है 1.current liabilities 2.non current liabilities 

current liabilities:- current liabilities को हम short term liabilities कहेंगे। क्युकी हम जो लोन या उधर लिए है वो हमें 1 साल या तो 1 साल से कम समय मे चुकाना पड़ेगा। 

current liabilities मे accounts payable आते है यानि वो supplier या creditor जिनसे हमने उधर मे purchase किया और उनका पैसा देना अभी बाकि है। और ये interest payable है। यानि जो interest expensive होता है। उसकी वजह से pay नहीं होता है। 

short term loan:- यानि जब कोई कंपनी किसी बैंक से 1 साल के लिए लोन लेते है और उसे लौटाने के लिए agree करते है वो भी current liabilities मे आते है।  

non current liabilities:- non current liabilities को long term liabilities के नाम से जाना जाता है। मतलब जो भी लोन या उधर हम लोगो को 1 साल या 1 साल से ज्यादा समय तक चुकाना पड़ता है उसी को non current liabilities कहते है।

example:-

1. जैसे long term loans आते है जिसको हम लम्बे समय के लिए लेते है नाकि 1 साल के लिए।
2. debentures यानि जब कंपनी पब्लिक से पैसा उधर लेती है अपनी कैपिटल को बढ़ाने के लिए तो उसके लिए वो एक सर्टिफिकेट इशू करती है जिसको debentures कहलाते है। वो भी लम्बे समय के लिए

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मुझे उम्मीद है मेरा ये आर्टिकल Asset और Liabilities क्या है - assets and liabilities meaning in hindi आपको पसंद आयी होगी। अगर आपके मन मे कोई भी सवाल है तो आप जरूर कमेंट करके बताये ताकि मुझे मौका मिले आपके सवाल का जबाब देने मे।
 

 




  


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