Equity Fund क्या है - types of equity fund in hindi

बर्तमान समय मे निवेश के लिए mutual fund एक बढ़िया माध्यम है। पर लोगो के मन मे mutual fund के बारे मे अभी भी स्पष्टता नहीं है। जो लोग beginner है सोच मे उनको काफी problem face करना पड़ता है ये mutual fund के बिषय को समझने मे।

आज से तीन साल पहले मुझे भी बिलकुल knowledge नहीं थी इसके बारे मे। पर मेने mutual fund concept को समझा फिर इसके बारे मे डीप रिसर्च किया, बहुत सरे फाइनेंसियल एक्सपर्ट की वीडियो एंड आर्टिकल read किया और साथ साथ बिज़नेस related न्यूज़ पेपर पढ़ना सुरु किया था। तब मुझे अच्छे से समज आ गया म्यूच्यूअल फण्ड को।

मेरा पिछला आर्टिकल म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता है? - Mutual Funds For Beginners In Hindi आर्टिकल को आप एकबार जरूर read कोरे जिससे आपको म्यूच्यूअल फण्ड की बेसिक concept को अच्छे से समज आ जाये। आज मे Equity Fund क्या है - types of equity fund in hindi के बारे मे बात करेंगे।
Equity Fund क्या है - types of equity fund in hindi



Equity Fund क्या है(what is Equity Fund)



Equity Fund मे फण्ड मैनेजर कंपनी के शेयर मे निवेश करते है। जिनको शेयर मारकेट की नॉलेज नहीं है, परन्तु वो चाहता है अधिक रिस्क लेके अच्छा मुनाफा कमाना उनको Equity Fund मे जरूर निवेश करना चाहिए लम्बे समय के लिए। जब कोई निवेशक इक्विटी फण्ड मे निवेश करते है तो वो उस कंपनी का शेयर होल्डर यानि उस कंपनी का ओनर होते है।

Equity Fund कितने प्रकार होता है


इक्विटी फण्ड मारकेट मे कोई तरह के होते है। मे आपको कुच चुनिंदा एंड पोपुलर टाइप की इक्विटी फण्ड के बारे मे बताऊंगा जिसमे लोग काफी ज्यादा निवेश करते है।

large cap euity fund:- शुरू के टॉप 100 कंपनी को लार्ज कैप फण्ड कहते है। इन कंपनी का मारकेट capitalization बहुत बोड़ा होता है। मारकेट crash होने से ये ज्यादा डाउन नहीं होता है। ये कंपनी already stable होते है। 

ये उन इन्वेस्टर को suite करता है जो इक्विटी मे निवेश करना चाहते है पर जोखिम थोड़ा कम लेना चाहते। इसका return भी average होता है other इक्विटी फण्ड कैप के मुकाबले। लार्ज कैप फण्ड मे 80% पैसा टॉप 100 कंपनी मे डाला जाता है।

mid cap equity fund:- टॉप 101 से लेकर 250 कम्पनि को मिड कैप इक्विटी फण्ड कहते है। ये कम्पनि ना तो बोड़ा होता है ना तो छोटा। ये मध्धम आकार का होता है। फण्ड मैनेजर 65% निवेश 101 to 250 कम्पनि मे करता है। बाकि पैसा bond, CD या other instrument मे निवेश करता है। 


ये ज्यादा रिस्की होता है लार्ज कैप के तुलना मे। लम्बे समय मे मध्धम आकार के फण्ड जब बिकसित होता है तो आगे चलके लार्ज कैप फण्ड बनने की पुरा क्षमता रखता है। इससे निवेसक की return भी काफी high होता है।

large cap and mid cap equity fund:- ये इक्विटी का एक new category है, जिसमे लार्ज एंड मिड कैप को मिक्सर किया गया है। जिसमे लार्ज कैप मे 35% एंड मिड कैप मे 35% पैसा लगाए जाता है। बाकि का पैसा small कैप फण्ड, tiny या तो other instrument मे इन्वेस्ट किया जाता है।


small cap equity fund:- मारकेट capitalization के 250 से ज्यादा रैंकिंग करने वाला स्टॉक्स या कंपनी को small cap फण्ड कहता है। इसमे 65% पैसा small cap कम्पनि मे इन्वेस्ट होता है। बाकि का 35% पैसा other instrument मे निवेश किया जाता है। 

small cap फण्ड की बात कोरे तो लार्ज कैप एंड मिड कैप के तुलना मे ज्यादा रिस्की होता है। पर return भी दोनों के तुलना मे ज्यादा मिलती है। 

small cap फण्ड की कम्पनिया शुरुआती दौर मे होते है, इसलिए ये कम्पनिया धीरे धीरे ग्रो होता है। जिन इन्वेस्टर की टाइम horizon 10 साल से ज्यादा है उसको इस फण्ड मे निवेश के बारे मे सोच ना चाहिए।

multi cap fund:- ये उन निवेशक को suite करता है जिनको समज नहीं आता कोनसा फण्ड चुने जैसे लार्ज कैप, मिड कैप, स्माल कैप, उनके लिए मल्टी कैप फण्ड एक अच्छा बिकल्प है। 

मल्टी कैप फण्ड मे फण्ड मैनेजर को स्वतंत्रता मिलने के कारण वो लार्ज कैप, मिड कैप, स्माल कैप मे मिश्रण करके निवेश करते है। जिन निवेसक का goal 5 to 7 years का है वो किसी अच्छा मल्टी कैप फण्ड मे निवेश कोर सकते है।

sectoral funds:- नाम से ही पता चलता है ये एक सेक्टर फण्ड है। मतलब किसी एक सेक्टर को टारगेट करके पैसा लगाना। उदाहरण के लिए जैसे बैंकिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, आईटी सेक्टर। 

diversified इक्विटी फण्ड के तुलना मे ये काफी रिस्की होता है। क्युकी जब आप particularly किसी एक सेक्टर को टारगेट करते हो निवेश करने के लिए अगर वो सेक्टर नहीं चला तो आपको काफी ज्यादा नुकसान उठाना पोड सकता है।

अगर आपको knowledge है आगे चलके ये सेक्टर ग्रो कोर सकता है तभी आप सेक्टोरल फण्ड को चुने नहीं तो आप किसी diversified इक्विटी फण्ड मे ही निवेश कोरे।

Equity Fund के फयदे 


बर्तमान समय मे इक्विटी ही ऐसा जरिया है जिससे आप अपनी goal को achieve कोर सकते हो। आप historical data को चेक करके देख सकते हो लम्बे समय मे इक्विटी जैसा return किसी other investment instrument मे नहीं दिया हे। शार्ट पीरियड मे इसमें volatility रहता हे। क्युकी इक्विटी instrument शेयर market से जुड़ा हुआ होता हे। 

शेयर मारकेट से आसानी से wealth generate करना काफी मुश्किल होता हे, क्युकी आपको उतनी knowledge नहीं हे। लेकिन एक expert fund मैनेजर के पास एक टीम होता हे। जिनका काम ही हे अच्छे अच्छे स्टॉक को पिक करना। 

उस स्टॉक को अच्छे से एनालिसिस करना, उस स्टॉक का fundamentally मैनेजमेंट कितना strong हे, future मे उस स्टॉक की ग्रोथ की chancess हे या नहीं। ये सब काम फण्ड मैनेजर और उनका टीम करते हे। 

अपना पुरा समय यही पे लगा देते हे सिर्फ 1 से 2.5 % कमिशन लेके। इतनी सी मामुली कमिशन लेके हमारे पैसे को अधिक return कमाने का काम एक फण्ड मैनेजर दारा ही संभव हे।

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आशा करता हू Equity Fund क्या है - types of equity fund in hindi आपको अच्छा लगा। इस पोस्ट के सम्बन्ध मे कोई query हे तो आप निचे कमेंट करके पुछ सकते हो। आपसे और एक request हे आप इस पोस्ट को अपने friend और अपने रिस्तेदार को भी शेयर कोरे ताकि उनको भी निवेश से जुड़ा हुआ जानकारी मिलते रहे।








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