बांड में निवेश कैसे करें - How To Invest In Bonds In Hindi

How To Invest In Bonds In Hindi

बांड में निवेश कैसे करें - How To Invest In Bonds In Hindi

How To buy and sell bonds in India: Bonds और Debenture फिक्स्ड इनकम का सोर्स होते है। इनमें निवेश करना किसी कंपनी को उधार देने के बराबर होता है जिसके बदले में कंपनी पहले से निर्धारित Interest (ब्याज) देती है। बांड्स में निवेश करना अपने पोर्टफोलियो को Diversify करने का सबसे सही तरीका होता है।

बांड क्या है बांड्स के बारे में अधिक जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें - बांड क्या होते है 

भारत में बांड्स में निवेश करने के दो विकल्प होते है एक Corporate Bonds में निवेश करना और दूसरा Government Bonds में निवेश करना। 

Corporate Bonds: कॉर्पोरेट बांड बड़ी - बड़ी कंपनियों द्वारा पूंजी जुटाने के लिए जारी किये जाते है इन बांड्स को कमर्शियल बैंक, स्टॉक एक्सचेंज, सीधे कंपनी की वेबसाइट या कंपनी की ब्रांच विजिट करके खरीद सकते है।

Government Bonds: गवर्नमेंट बांड्स को रिटेल निवेशक सीधे गवर्नमेंट या स्टॉक एक्सचेंज से खरीद नहीं सकते है। इसे RBI से कोई फाइनेंसियल इंस्टीटूशन, कमर्शियल बैंक या प्राइमरी डीलर खरीद सकते है। और उनके पास से रिटेल निवेश खरीद सकते है।

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How To Buy Bonds In India

भारत में बॉन्ड खरीदने के मुख्य रूप से दो तरीके होते है।

  • Primary Market
  • Secondary Market

Primary Market: जब कोई संस्था पूंजी जुटाने के लिए पहली बार बांड जारी करती है तो एक सार्वजनिक निमंत्रण (Public Offer) लाती है जिसमें आम जनता को समय दिया जाता है की वे एक फॉर्म भरके बांड खरीदने के लिए अप्लाई कर सकती है।

Secondary Market: एक बार जब कोई संस्था बांड जारी कर देती है तो उसके बाद स्टॉक एक्सचेंज पर उनको पब्लिक द्वारा आपस में ख़रीदा - बेचा जाता है। सेकेंडरी मार्किट में बांड्स खरीदने का सबसे आसान तरीका है म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना। Debt Mutual Fund अपना पैसा बांड्स में ही निवेश करते है। अगर आप Debt Mutual Fund में इन्वेस्ट करते है तो वह आप से पैसा लेकर अलग - अलग बांड्स में उस पैसे को निवेश करते है। 


क्या बांड में निवेश करना लाभदायक होता है

जी हाँ! बांड्स में निवेश करना लाभदायक होता है लेकिन Bonds में निवेश करने पर कितना लाभ हो सकता है यह उसके Interest Rate पर निर्भर करता है। जितनी ज्यादा अच्छी रेटिंग किसी बांड की होगी Interest Rate उतना ही कम होगा और रिस्क भी कम होगी। लेकिन जिन बांड्स में Interest Rate ज्यादा होती है उनमें रिस्क भी ज्यादा होता है और इसलिये उनकी रेटिंग कम होती है।

गवर्नमेंट बांड्स में निवेश करके 6 से 7 प्रतिशत का सालाना रिटर्न कमाया जा सकता है। जबकि कॉर्पोरेट बांड्स में ब्याज दर सभी कंपनियों की अलग - अलग होती है। कंपनी आर्थिक रूप से मजबूत है तो ब्याज दर कम होगी और यदि कंपनी आर्थिक रूप से कमजोर है तो ब्याज दर अधिक होगी। बांड्स में निवेश करके अच्छा मुनाफा तो कमाया जा ही सकता है साथ में टैक्स में छूट का लाभ भी मिलता है।

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बांड्स खरीदने के सम्बन्ध में ध्यान रखने वाली बातें 

बांड्स को ऑनलाइन ख़रीदा और बेचा जाता है। Bonds को खरीदने और सुरक्षित रखने के लिए डीमैट अकाउंट अनिवार्य होता है।

ज्यादातर बांड्स को Mature (परिपक्व) होने से पहले भी बेचा जा सकता है इसे आप अपने ब्रोकर या ट्रेडिंग अकाउंट की सहायता से स्टॉक एक्सचेंज पर बेच सकते है।

बांड्स में एक और टाइप भी होता है जिसे Tax Free Bond कहते है इनमें केवल वो ही लोग निवेश करते है जो अपना टैक्स बचाना चाहते है।

बांड निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। क्योंकि इसमें एक फिक्स्ड ब्याज दर का वादा किया जाता है और बांड परिपक्व होने पर मूल राशि ब्याज के साथ मिल जाती है। बांड्स में सुरक्षा की गारंटी होती है। कॉर्पोरेट बांड कंपनी की एसेट से सिक्योर्ड होते है और सरकारी बांड की गारंटी सरकार की होती है।(How To Invest In Bonds In Hindi)

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