Portfolio क्या होता है? What Is Portfolio In Hindi

What Is Portfolio In Hindi
पोर्टफोलियो क्या होता है? - What Is Portfolio In Hindi 

पोर्टफोलियो क्या है - Portfolio In Hindi: पोर्टफोलियो एक निवेशक के द्वारा कहाँ - कहाँ और कितना निवेश किया गया है उसकी एक सूची होती है। कोई भी निवेशक अपना पूरा पैसा एक जगह पर नहीं रखता है वह अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए अलग - अलग जगह पर निवेश करता है। और जहाँ - जहाँ जितना निवेश किया गया है उसकी सूचि बनाकर अपने पास रखने को Portfolio कहते है।

उदाहरण के लिए मान लीजिये एक व्यक्ति है जिसने स्टॉक मार्किट में 1 लाख, म्यूच्यूअल फंड में 2 लाख, फिक्स्ड डिपाजिट में 1 लाख और प्रोविडेंड फंड में 1 लाख का निवेश किया है तो उसके Portfolio की कुल कीमत (1 लाख + 2 लाख + 1 लाख + 1 लाख)= 5 लाख होगी। 

पोर्टफोलियो का महत्व 

पोर्टफोलियो बनाने से एक ही बार में पता चल जाता है कि हमने कुल कितना निवेश किया है और कहाँ - कहाँ किया है। और हमारे द्वारा किया गया निवेश लाभ में है या नुकसान में है। पोर्टफोलियो बनाकर आप एक ही जगह से अपने सभी निवेशों को ट्रैक कर सकते है। 

आम तौर पर एक निवेशक अपने पैसों को कई प्रकार की एसेट क्लास जैसे: फिक्स्ड डिपाजिट, शेयर मार्किट, म्यूच्यूअल फण्ड, डेब्ट फंड, PPF, प्रॉपर्टी, Gold इत्यादि में में निवेश करता है। ऐसे में इन सभी निवेश विकल्पों में निवेश कर इनका मैनेजमेंट करना काफी मुश्किल हो जाता है। पोर्टफोलियो का काम यही होता है की वह आपके पैसे को मार्किट की जोखिम से बचाता है और उस पर एक अच्छा लाभ कमा कर भी देता है।

पोर्टफोलियो बनाने का मुख्य उद्देश्य यही है की अलग - अलग निवेश विकल्पों में निवेश करके कम से कम जोखिम लेकर अच्छा लाभ कमाया जा सके।

Portfolio Diversification क्या है  

जब एक निवेशक अपने पैसे को किसी एक जगह पर निवेश ना करके उसे अलग - अलग निवेश विकल्पों में बाँट देता है तो उसे Portfolio Diversification कहते है।

वारेन बुफेट कहते है की किसी भी निवेशक को अपने सभी अंडे एक बास्केट में नहीं रखने चाहिए। अगर वह बास्केट गिर गयी तो सारे अंडे एक ही बार में फुट जायेंगे। 

Portfolio Diversification करने का मुख्य उद्देश्य मार्किट के जोखिम से अपने निवेश को बचाना होता है। अगर कोई निवेशक एक ही जगह पर अपने सभी पैसे निवेश कर देता है तो इससे पैसे डूब जाने या बड़ा घाटा लगने का जोखिम रहता है।

जैसे: अगर आपने अपना पूरा पैसा Stock Market में इन्वेस्ट किया हुआ है तो स्टॉक मार्किट क्रैश होने पर आपका पूरा पैसा एक ही बार में डूब सकता है और वही अलग - अलग जगह पर निवेश करके अपने पोर्टफोलियो को Diversify किया हुआ है तो इससे नुकसान कम से कम होता है। इसीलिए निवेशकों को यह सलाह दी जाती है की अपनी जोखिम उठाने के क्षमता के अनुसार Portfolio Diversification जरूर करना चाहिये।(Portfolio क्या होता है? What Is Portfolio In Hindi)

सफल पोर्टफोलियो कैसे बनाये

एक निवेशक के क्या - क्या Goals है उसके अनुसार पोर्टफोलियो बनाने चाहिए। जितने Goals है उतने पोर्टफोलियो बनाये जा सकते है जैसे: Retirement Planning के लिए अलग पोर्टफोलियो, बच्चों की पढाई और उनकी शादी के लिए अलग पोर्टफोलियो, घर बनाने या कार लेने के लिए अलग पोर्टफोलियो इस तरह से आपके जीवन के जितने भी Goals है उसके अनुसार पोर्टफोलियो बनाये जा सकते है।

पोर्टफोलियो दो तरह के होते है 

  1. Short Term Portfolio
  2. Long Term Portfolio 

शार्ट टर्म गोल्स को पूरा करने के लिए शार्ट टर्म पोर्टफोलियो बनाये जाते है। कम समय में पूरा किया जाने वाले Goals के लिए इस तरह के पोर्टफोलियो बनाये जाते है। इनमें ऐसे Asset Class में निवेश किया जाता है जिसमें जोखिम ज्यादा होता है और मुनाफा भी जल्दी होता है।

लॉन्ग टर्म गोल्स को पूरा करने के लिए Long Term Portfolio बनाये जाते है। जैसे: रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की शादी इत्यादि लम्बे समय में पुरे किये जाने वाले गोल्स होते है। इनमें ऐसे Asset Class में निवेश किया जाता है जो Long Term में अच्छा मुनाफा दे सके जिससे सभी लक्ष्यों को पूरा किया जा सके। 

Short Term Portfolio को Long Term Portfolio के साथ मिक्स नहीं करना चाहिए। क्योंकि सभी पोर्टफोलियो के टारगेट और उनमें शामिल जोखिम अलग - अलग होता है।

एक अच्छा पोर्टफोलियो बनाने के लिए सही Asset Allocation करना जरूरी है। एसेट एलोकेशन का अर्थ है कहाँ पर और कितना निवेश करना चाहिये। अगर आप खुद अपना Portfolio नहीं बना सकते है तो किसी Financial Advisor की मदद ले सकते है।(पोर्टफोलियो क्या होता है? - What Is Portfolio In Hindi)

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दोस्तों आज मैंने आपको बताया की Portfolio क्या होता है? What Is Portfolio In Hindi. अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है Portfolio Meaning In Hindi से रिलेटेड तो कमेंट करके बता सकते है।

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