Share क्या होते है - What Is Share Meaning In Hindi

Share क्या होते है - What Is Share Meaning In Hindi 


जब एक कंपनी अपनी पूंजी को छोटे - छोटे टुकड़ो में बाँट देती है तो उस सबसे छोटे टुकड़े जिसके और टुकड़े नहीं हो सकते है उसे Share (अंश) कहते है।

पूंजी का अर्थ होता है किसी कंपनी के कुल शेयर * शेयर की प्राइस 

मान लीजिये एक कंपनी है जिसकी कुल पूंजी 1 करोड़ रुपये है और वह कंपनी अपनी इस पूंजी को 1 लाख छोटे - छोटे टुकड़ो में बाँट देती है तो (10000000/100000)=100 रुपये, यह इस कंपनी की पूंजी का वह सबसे छोटा टुकड़ा है जिसके और टुकड़े नहीं हो सकते है और इस 100 रुपये को ही कंपनी का 1 Share कहते है।

Share किसी कंपनी की कुल पूंजी का एक हिस्सा होता है अगर आप कंपनी में 100 रुपये निवेश करेंगे तो कंपनी आपको अपना एक शेयर दे देगी जिसका अर्थ है आप उस कंपनी के 1 शेयर के मालिक हो गये है। 

उदाहरण के लिये वर्तमान में Reliance के एक Share की कीमत 900 रुपये है और अगर आप Reliance के 100 शेयर खरीद लेते है तो आप Reliance के (900*100)=90000 (नब्बे हज़ार रुपये) के मालिक हुये और भविष्य में जब भी रिलायंस को प्रॉफिट या लोस्स होगा तो आप भी उसमें हिस्सेदार होंगे। 

Share एक सर्टिफिकेट होता है जिस पर लिखा होता है की आपने किसी कंपनी को कितने रुपये दिये है और बदले में आप उस कंपनी के कितने प्रतिशत के हिस्सेदार है।

इसे भी पढ़े: शेयर मार्किट क्या है - Share Market In Hindi

What Is Share Meaning In Hindi

Share के प्रकार (Types of Share)


Share क्या होता है यह तो जान लिया अब यह जानते है की शेयर कितने प्रकार के होते है - What Are The Types of Share

भारत में मुख्यतः 3 प्रकार के शेयर होते है -


1. Equity Share (इक्विटी शेयर): Company के असली मालिक इक्विटी शेयर होल्डर होते है। कंपनी को चलाने सम्बंधित सभी निर्णय इक्विटी शेयर धारक लेते है। Company की मीटिंग में वोटिंग का अधिकार इक्विटी शेयर होल्डर के पास होता है जिनके पास ज्यादा इक्विटी शेयर होते है उनके वोटिंग राइट भी ज्यादा होते है। अगर कंपनी लाभ में है तो सबसे ज्यादा लाभ इक्विटी शेयर होल्डर को होता है और अगर कंपनी नुकसान में है तो कंपनी को सबसे ज्यादा नुकसान भी इक्विटी शेयर होल्डर को होता है।

2. Preference Share (प्रेफरेंस शेयर): प्रेफरेंस शेयर रखने वालो के अधिकार पहले से ही तय होते है। कंपनी को किसी भी प्रकार का लाभ हो तो पहले हिस्सा Preference Share Holders को मिलता है। यदि कंपनी बंद हो जाये तो कंपनी की सभी सम्पतिया बेचने के बाद सबसे पहले प्रेफरेंस शेयर धारकों को उनका पैसा चुकाया जायेगा और बचा हुआ प्रॉफिट या लोस्स इक्विटी शेयर होल्डर उठाएंगे। 

3. DVR Share (डीवीआर शेयर): डीवीआर शेयर भी इक्विटी शेयर की तरह होते है लेकिन इनमें निवेशकों को वोटिंग राइट नहीं मिलता है या उनके वोटिंग की पॉवर कम कर दी जाती है बदले में कंपनी उन्हें यह शेयर ज्यादा सस्ते दाम पर देती है और ज्यादा डिविडेंड भी देती है।(शेयर क्या होता है - What Is Share In Hindi) 

शेयर कैसे ख़रीदे  (How To Buy Share) 


भारत में शेयर खरीदने के 2 तरीके होते है। 

IPO (आईपीओ): आईपीओ को Primary Market भी कहते है। जब कोई कंपनी पहली बार स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होती है और पहली बार आम निवेशकों के लिये अपने शेयर जारी करती है तो इस प्रकिया को IPO (Initial Public Offering) कहते है। आईपीओ में निवेश करके कंपनी के शुरूआती दिनों में ही कंपनी का हिस्सेदार बना जा सकता है। 

Secondary Market: जब एक कंपनी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाती है तो कंपनी खुद शेयर की खरीदी या बिक्री नहीं करती है बल्कि दूसरे निवेशक जिन्होंने कंपनी के आईपीओ से शेयर खरीदे है उनसे शेयर ख़रीदे और बेचे जाते है। सेकेंडरी मार्किट में कोई आम निवेशक या संस्था किसी दूसरे आम निवेशक या संस्था से शेयर खरीदते और बेचते है। 

Share खरीदने के लिये किसी भी स्टॉक ब्रोकर के पास ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट ओपन करवाना होता है। ट्रेडिंग अकाउंट से शेयर ख़रीदे जाते है और डीमैट अकाउंट में ख़रीदे हुये शेयर रखे जाते है।(शेयर क्या है - Share Meaning In Hindi)  

Share खरीदने के लाभ 


स्टॉक मार्किट में शेयर खरीदकर लाभ कमाने के कई तरीके होते है जिनमें से कुछ इस प्रकार है -

Dividend (डिविडेंड से लाभ): जब कंपनी व्यापार करती है तो उससे लाभ होता है और उस लाभ में से कुछ हिस्सा अपने शेयर धारको में बाँट देती है जिसे डिविडेंड कहते है। जिस निवेशक ने कंपनी के जितने शेयर ख़रीदे है उसके अनुसार निवेशकों में डिविडेंड बांटा जाता है। 

Capital Appreciation (Share की कीमत बढ़ने से लाभ): जब कंपनी का व्यापार अच्छा चल रहा होता है और कंपनी लगातार लाभ कमा रही होती है तो ज्यादा से ज्यादा निवेशक कंपनी में निवेश करते है जिससे कंपनी के शेयर की कीमत बढ़ती है। और निवेशक कम कीमत पर शेयर खरीदकर उसे ज्यादा कीमत पर बेच कर लाभ कमाते है। 

Bonus (बोनस से लाभ): कभी - कभी कंपनी अपने निवेशकों को बोनस के रूप में अतरिक्त शेयर देती है और ये अतिरिक्त शेयर भी निवेशक के लिए लाभ होता है। 

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उम्मीद है आपको समझ आया होगा Share क्या होते है - Share Meaning In Hindi अगर अभी भी आपका कोई सवाल है तो कमेंट में पूछ सकते है। 

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