कमोडिटी ट्रेडिंग क्या है? - What Is Commodity Trading In Hindi

कमोडिटी ट्रेडिंग क्या होती है: रोजाना उपयोग में आने वाली कमोडिटी को एक्सचेंज के माध्यम से खरीदना - बेचने को कमोडिटी ट्रेडिंग कहते है। जैसे: जौ, गेहूं, सोयाबीन, धनिया, जीरा, हल्दी, सोना, चांदी, क्रूड ऑइल, नेचुरल गैस इत्यादि को जब कमोडिटी एक्सचेंज पर ख़रीदा और बेचा जाता है तो उसे Commodity Trading कहा जाता है। 

Commodity 2 प्रकार की होती है -
  1. Agriculture Commodity (एग्रीकल्चर कमोडिटी)
  2. Non Agriculture Commodity (नॉन एग्रीकल्चर कमोडिटी)
1. Agriculture Commodity: एग्रीकल्चर कमोडिटी वे कमोडिटी होती है जो सीधे - सीधे कृषि क्षेत्र से सम्बंधित होती है। जैसे: जौ, गेहूं, सोयाबीन, धनिया, जीरा, हल्दी, कपास आदि। 

2. Non Agriculture Commodity: वे सभी कमोडिटी जो एग्रीकल्चर से सम्बंधित नहीं है लेकिन जिन्हें रोज़ाना उपयोग में आने वाली वस्तु मानकर कमोडिटी केटेगरी में रखा जाता हो, ऐसी कमोडिटी को नॉन एग्रीकल्चर कमोडिटी कहते है। जैसे: सोना, चांदी, प्लैटिनम, क्रूड ऑइल, नेचुरल गैस आदि।(कमोडिटी ट्रेडिंग क्या है - What Is Commodity Trading In Hindi ) 

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What Is Commodity Trading In Hindi

MCX और NCDEX क्या है 

भारत में Commodity Trading को MCX और NCDEX करवाती है।


1. MCX (Multi Commodity Exchange): MCX एक नोन एग्रीकल्चर कमोडिटी एक्सचेंज है जिसमें मुख्य रूप से Non Agriculture Commodity जैसे: सोना, चांदी, क्रूड ऑइल, नेचुरल गैस और बेस मेटल का कारोबार होता है। नॉन एग्री कमोडिटी ट्रेडिंग सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से रात 11:55 बजे तक होती है। Non Agriculture Commodity Market लगभग पुरे दिन ओपन रहता है।  

2. NCDEX (National Commodity and Derivatives Exchange): NCDEX एक एग्रीकल्चर कमोडिटी एक्सचेंज है जिसमें मुख्य रूप से एग्रीकल्चर प्रोडक्ट जैसे: चना, जौ, गेहूं,  ग्वार, सोयाबीन, धनिया, जीरा, हल्दी में कारोबार होता है। NCDEX में ट्रेडिंग सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होती है।(Commodity Market Basics In Hindi)

कैसे शुरू कर सकते है कमोडिटी ट्रेडिंग 

Commodity Market में Trading शुरू करने के लिये किसी भी स्टॉक ब्रोकर के पास ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करवाना होता है। ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करवाने के लिये बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, और एड्रेस प्रूफ का होना जरूरी है। ध्यान रहे जिस भी ब्रोकर के पास आप अपना ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करवा रहे है वह MCX और NCDEX Exchange का मेंबर होना चाहिये, इसकी जानकारी ब्रोकर के वेबसाइट से ले सकते है। 

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कमोडिटी ट्रेडिंग कैसे काम करती है 

भारत में कमोडिटी ट्रेडिंग Future And Option मार्किट यानि Derivatives Segment में होती है। जिसमें कमोडिटी एक्सचेंज खरीददार और विक्रेता को आपस में मिलवाते है और वे पहले से निर्धारित मात्रा और कीमत पर भविष्य की किसी तारीख पर ट्रेड को पूरा करने का अनुबंध करते है।  


कमोडिटी ट्रेडिंग दो तरह के लोग करते है एक होते है हेजर्स और दूसरे सट्टेबाज़। 


हेजर्स व्यापारी होते है जो किसी एक खास कमोडिटी में व्यापार करते है और उस कमोडिटी की कीमत में बहुत तेज़ी से कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं आ जाये इसके लिये वह उस कमोडिटी में पहले से ही अपनी पोजीशन बना कर रखते है।


सट्टेबाज़ कमोडिटी की कीमत में जो उतार - चढ़ाव आता उसका फायदा उठाकर ट्रेडिंग करते है और एक्सपायरी से पहले अपना प्रॉफिट और लोस्स जो भी हो उसे बुक करके ट्रेड से निकल जाते है। 


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क्या भारत में कमोडिटी ट्रेडिंग करना लाभदायक है 

भारत में कमोडिटी मार्किट बहुत ही ज्यादा वोलेटाइल है और जोखिम भरा है। अगर आप एक नये निवेशक है या छोटे निवेशक है तो पहले Commodity Market को अच्छे से सीखने की सलाह में आपको दूंगा। पहले पेपर ट्रेडिंग या डेमो ट्रेडिंग करे और एक अच्छी Commodity Trading Strategy बनाये। जब आपकी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी डेमो ट्रेडिंग में काम करने लगे तो छोटी राशि से Real Trading करें और धीरे - धीरे अपनी इन्वेस्टमेंट बढ़ाये। इससे आप लम्बे समय तक कमोडिटी मार्किट में बने रहेंगे, नहीं तो आपका पैसा डूब सकता है।
Commodity Market For Beginners - Commodity Market In Hindi 

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