टेक्निकल एनालिसिस कैसे करें - Learn Technical Analysis In Hindi

Technical Analysis Kaise Kare: किसी स्टॉक के पास्ट परफॉरमेंस को देख कर भविष्य में उसका प्राइस क्या हो सकता है, उसके अनुमान लगाने को टेक्निकल एनालिसिस कहते है। टेक्निकल एनालिसिस का उपयोग सभी Stock Market Trader द्वारा किया जाता है। जिन ट्रेडर को शार्ट टर्म प्रॉफिट कमाना होता है वे टेक्निकल एनालिसिस का उपयोग करते है। 

इससे पहले मैंने एक पोस्ट में बताया था की टेक्निकल एनालिसिस क्या होता है अगर आपको नहीं पता की टेक्निकल एनालिसिस क्या है तो उस पोस्ट को जरूर पढ़िये।

टेक्निकल एनालिसिस कैसे करें - Learn Technical Analysis In Hindi
Learn Technical Analysis In Hindi

टेक्निकल एनालिसिस करना क्यों जरूरी है। 

Technical Analysis हमें यह पता लगाने में मदद करता है की किसी स्टॉक को कब खरीदना है, कोनसे प्राइस पर खरीदना है और कब बेचना है। टेक्निकल एनालिसिस छोटे टाइम फ्रेम में किसी स्टॉक में एंट्री लेकर प्रॉफिट बुक करने में मदद करता है। इसलिये टेक्निकल एनालिसिस का इंट्राडे ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग में बहुत ज्यादा उपयोग होता है। 

टेक्निकल एनालिसिस से ज्यादा से ज्यादा किसी स्टॉक की 1 साल बाद तक की प्राइस क्या हो सकती है, उसके बारे में पता लगाया जाता है। अगर 1 साल से ज्यादा समय तक किसी शेयर को होल्ड रखना है तो उसके लिये फंडामेंटल एनालिसिस किया जाता है। जितने कम टाइम पीरियड के लिये Technical Analysis किया जाता है उतनी ही ज्यादा Accuracy हमें मिलती है।(How To Do Technical Analysis In Hindi)

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टेक्निकल एनालिसिस कैसे करें - Learn Technical Analysis In Hindi

किसी भी स्टॉक का टेक्निकल एनालिसिस करने के लिये कई बातों का एनालिसिस करना पड़ता है और इनमें से ही कुछ के बारे में आज में आपको बताऊंगा।  

1. Stock Trend (स्टॉक ट्रेंड): स्टॉक जिस दिशा में मूव करता है उसे स्टॉक ट्रेंड कहते है। सामान्यतः कोई भी स्टॉक 3 दिशाओं में मूव करता है। 

स्टॉक ऊपर की तरफ जा रहा है तो उसे अपट्रेंड कहेंगे। 
स्टॉक निचे की तरफ गिर रहा हो तो उसे डाउन ट्रेंड कहेंगे। 
स्टॉक न तो ऊपर की तरफ जा रहा हो और न ही निचे की तरफ, बस एक रेंज में ट्रेड कर रहा हो तो उसे साइड वेज़ ट्रेंड कहेंगे।  

2. Stock Pattern (स्टॉक पैटर्न): कोई भी स्टॉक हो जब वह किसी दिशा में मूव करता है तो वह अपने साथ कुछ पैटर्न बनाते चलता है और ये पैटर्न हमेशा एक जैसे ही व्यवहार करते है। चूँकि ये स्टॉक पैटर्न हमेशा एक जैसा व्यवहार करते है इसलिये इन पैटर्न्स को पहचान कर स्टॉक आगे किस दिशा में मूव करेगा उसका पता लगाया जा सकता है। 


स्टॉक पैटर्न कई प्रकार के होते है जैसे:


  • ABCD Pattern 
  • Double Bottom Pattern And Triple Bottom Pattern 
  • Cup And Handle Pattern 
  • Ascending Triangle And Descending Triangle
  • Head And Shoulders Patterns etc.  

3. Chart (चार्ट): चार्ट्स किसी शेयर की प्राइस को ग्राफ या चित्र के माध्यम से दिखाते है। चार्ट्स कई प्रकार के होते है जैसे: Candlestick Chart, Heiken-Ashi Chart, Line Chart, Point & Figure Chart etc.

ट्रेडिंग में सबसे ज्यादा Candlestick Chart का उपयोग होता है। Candlestic Chart अलग - अलग टाइम फ्रेम पर एक नई कैंडल बनाकर आगे बढ़ता रहता है। और इन्ही कैंडल का एनालिसिस कर मार्किट अपट्रेंड में है या डाउन ट्रेंड में इसको पहचाना जा सकता है। और साथ ही ट्रेड में एंट्री कब लेनी है, कब एग्जिट करना है, स्टॉपलॉस कहाँ रखना है और प्रॉफिट बुक करने में ट्रेडर की मदद करता है।   

4. Time Frame (टाइम फ्रेम): टाइम फ्रेम एक निश्चित समयावधि के दौरान किसी शेयर की प्राइस मूवमेंट को दिखाता है। अपनी ट्रेडिंग स्टाइल के हिसाब से एक सही टाइम फ्रेम का चयन करना बहुत जरूरी है। आम तौर पर Scalping Trading में (1 MINUTE), Intraday Trading में (5 MINUTE), Swing Trading में (1 HOUR), Positional Trading में (1 Day) टाइम फ्रेम के चार्ट का उपयोग किया जाता है। 

5. Price Action (प्राइस एक्शन): किसी शेयर की मूवमेंट को ही प्राइस एक्शन कहते है। जब भी कोई शेयर किसी एक दिशा में मूव करता है तो वह अपने साथ एक कैंडल बनाकर चलता है। जब उस कैंडल का एनालिसिस कर ट्रेड लिया जाये तो इसे प्राइस एक्शन आधार पर लिया हुआ ट्रेड कहेंगे। प्राइस एक्शन अपने आप में एक ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है। बहुत सारे लोग जो छोटे टाइम फ्रेम में Scalping या Intraday Trading करते है, वह सिर्फ प्राइस एक्शन का उपयोग करते है। प्राइस एक्शन के अलावा वह किसी भी इंडिकेटर का उपयोग नहीं करते है। 

6. Indicator (इंडिकेटर): इंडिकेटर एक प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर होता है जो किसी शेयर की पास्ट प्राइस और वॉल्यूम की एनालिसिस करके यह बताता है, की शेयर आगे किस दिशा में जा सकता है। मार्किट में सैकड़ो इंडिकेटर है जो शेयर की प्राइस, मूवमेंट और वॉल्यूम का एनालिसिस करते है। अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी के अनुसार इंडिकेटर का चयन करना चाहिये। आम तौर पर एक ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी में 3 - 4 इंडिकेटर का उपयोग करना सही माना जाता है। बाजार के सबसे लोकप्रिय इंडिकेटर RSI, MACD, Volume और Moving Average है।

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7. Trend Line (ट्रेंड लाइन): ट्रेंड लाइन एक तरीका होता है जिसमें किसी शेयर के आगे लाइन ड्रा की जाती है। साधारणतया कोई भी स्टॉक एक Trend Cycle में मूव करता है, जिसमें वह कुछ महत्वपूर्ण प्राइस लेवल पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस का सामना करता है। शेयर की सही दिशा और महत्वपूर्ण सपोर्ट - रेजिस्टेंस लेवल का पता लगाने के लिये Trend Line Draw की जाती है।(टेक्निकल एनालिसिस कैसे करें - Learn Technical Analysis In Hindi)

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