Profit And Loss Statement क्या है? - P&L Statement को कैसे पढ़े?

प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट क्या है ? What Is Profit And Loss Statement In Hindi

प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट क्या होता है: Profit And Loss Statement को हिंदी में लाभ - हानि विवरण कहते है कंपनी को अपने व्यापार से लाभ हो रहा है या हानि इसका पूरा लेखा जोखा इस विवरण में होता है। 

Profit And Loss Statement को पढ़ना फंडामेंटल एनालिसिस का पार्ट होता है कंपनी ने एक निश्चित समयावधि के दौरान कितनी बिक्री की है और उससे कंपनी को प्रॉफिट हो रहा है या लोस्स, कंपनी ने बिक्री के दौरान कितना खर्चा किया उसके बारे में जानने के लिए Profit And Loss Account को पढ़ा जाता है। 

अगर कंपनी को प्रॉफिट हो रहा है तो वो प्रॉफिट कितना है और कहां से आ रहा है और अगर कंपनी को लोस्स हो रहा है तो वह लोस्स कितना है और कंपनी अपने पैसो कहां खर्च कर रही है जिसकी वजह से उसे लोस्स हो रहा है यह सभी बातें P&L Statement से पता चलती है, किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके P&L Statement को जरूर पढ़ना चाहिये।

प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट कुछ इस प्रकार से दिखता है इसे screener.in वेबसाइट से डाउनलोड किया गया है।


Profit And Loss Statement In Hindi

प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट को कैसे पढ़े? How To Read Profit And Loss Statement In Hindi 


प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट क्या होता है यह तो समझ लिया अब मैं आपको बताऊंगा की प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट को कैसे पढ़े (How To Read Profit And Loss Statement In Hindi)

Profit And Loss Statement Format को 5 भागों में बांटा जाता है -
  1. Sales
  2. Expenses
  3. Operating Profit
  4. Profit Before Tax
  5. Net Profit
1. Sales

एक निश्चित समयावधि के दौरान कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज की कितनी सेल्स करती है उसे सेल्स कॉलम में लिखा जाता है सेल्स के यह आंकड़े Quarter On Quarter Basis या Year On Year Basis पर Update किये जाते है।  

Sales Growth: पिछले क्वार्टर या पिछले साल की तुलना में इस क्वार्टर या साल में कितनी Sales Increase या Decrease हुई है उसे प्रतिशत (%) के रूप में इस कॉलम में लिखा जाता है। 

2. Expenses

कंपनी की Products और Services को बनाकर बेचने तक जो भी खर्चे होते है वह Expenses कॉलम में लिखे जाते है इन खर्चों को चार भागों में बांट कर समझा जा सकता है।

1. Material Cost: कच्चे माल को खरीदने के लिए खर्च को इस कॉलम में लिखा जाता है। 

2. Manufacturing Cost: कच्चे माल को पक्का माल बनाने के दौरान जो भी खर्च किये जाते है उसे Manufacturing Cost कहते है ऐसी सभी Cost को इस कॉलम में लिखा जाता है। 

3. Employee Cost: Employee की Salary, Training और किसी भी प्रकार का खर्च जो कंपनी के द्वारा उसके कर्मचारी पर किया जाता है उसे इस कॉलम में लिखा जाता है।  

4. Other Cost: Legal Expenses, Office Expenses और कोई भी अन्य खर्च जो ऊपर बताई तीनो केटेगरी में ना आता हो उसे Other Expenses में लिखा जाता है। 

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3. Operating Profit

Operating Profit को EBITDA (Earning Before Interest, Tax, Depreciation And Amortization) भी कहते है। 

1. OPM (Operating Profit Margin): Company ने जो भी सेल्स की है उसमें Cost of Goods Sold को घटाने के बाद जो राशि निकल कर आती है उसे OPM कहते है इसमें ब्याज, टैक्स, मूल्य हास् , और उधार चुकाई को घटाया नहीं जाता है।  

2. Other Income: कंपनी अपने मुख्य बिज़नेस के अलावा और किसी बिज़नेस से जो पैसा कंपनी कमाती है उसे Other Income में लिखते है जैसे: Income From Investments, Income From Interest etc.  

3. Interest: कंपनी ने मार्किट से जितने भी Loan लिए है उन पर कितना ब्याज चूका दिया है या चुकाना है उसे इस कॉलम में लिखा जाता है। 

4. Depreciation: Company के पास जितनी भी Asset होती है समय के साथ उनकी कीमत घटती रहती है और यह कंपनी के लिए एक लोस्स होता है और हर साल उन एसेट्स की जितनी भी कीमत घटी है उसे उस साल के कंपनी के प्रॉफिट में से घटाया जाता है। 

4. Profit Before Tax

Government को टैक्स चुकाने से पहले Company का जो भी Profit होता है उसे Profit Before Tax कहते है। 

Tax Percentage: कुल प्रॉफिट का कितने प्रतिशत टैक्स Governement को दिया है या देना है उसे इस कॉलम में लिखा जाता है। 

5. Net Profit:

Net Profit, ये वह राशि है जो अंत में कंपनी के पास लाभ के रूप में रहती है। कंपनी ने Financial Year में जीतनी भी सेल्स की है उसमे से सभी तरह से खर्चे और टैक्स निकाल देने के बाद जो राशि बचती वह Company का उस वर्ष का Net Profit होता है। 

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5. EPS Earning Per Share:

कोई कंपनी अपने एक शेयर पर कितना लाभ कमाती है यह EPS (Earning Per Share) से पता चलता है। किसी भी कंपनी का Share Buy करने से पहले उसका EPS जान लेना चाहिये। EPS के माध्यम से हम यह जान सकते है की कंपनी Market में कैसा प्रदर्शन कर रही है।

6. Dividend Payout:

कई बार कंपनी को अपने प्रदर्शन के अनुसार अतिरिक्त लाभ होता है और उस अतिरिक्त लाभ के एक हिस्से को अपने शेयर धारको में बांट देती है जिसे Dividend (लाभांश) कहते है डिविडेंड हमेशा Face Value पर दिया जाता है। कंपनी को प्रॉफिट होने पर उसने कितना डिविडेंड दिया उसे इस कॉलम में लिखा जाता है।

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प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट के सम्बन्ध में ध्यान रखने वाली बाते-

Company की Earnings के बारे में Profit And Loss Account Statement से पता चलता है और भविष्य में कंपनी कैसा परफॉर्म करेगी और कंपनी की Share Price किस दिशा में और कहां तक जा सकती है उसका Analysis P&L Statement के द्वारा किया जाता है।  

कंपनी को अपने व्यापार से लाभ हो रहा है या हानि, कंपनी के Sales और Profit Increase हो रहे है या नहीं, कंपनी की Business Cycle और कंपनी के फाइनेंसियल हेल्थ के बारे में Profit And Loss Statement से पता चलता है।  

कंपनी की Sales, Material Cost, Manufacturing Cost, Employee Cost, Profit Before Tax और Net Profit लगातार बढ़ना चाहिये ये कंपनी के लिए सही माना जाता है और Interest जो की कंपनी चुकाती है उसे कम होना चाहिये। 

उम्मीद है आपको समझ आ गया होगा की Profit And Loss Statement क्या होता है? (What Is Profit And Loss Statement In Hindi) Profit And Loss Statement को कैसे पढ़े? (How To Read Profit And Loss Statement) प्रॉफिट और लोस्स स्टेटमेंट के बारे में और कोई सवाल हो कमेंट में पूछ सकते है।

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